ज्ञान कुंज के नन्हे खगोलवीरों ने स्पेस लैब में खोले ब्रह्मांड के दरवाज़े
Artical by Shajad Ansari
बैकुन्ठपुर, 27 नवंबर 2025 – बैकुन्ठपुर के ज्ञान कुंज पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने हाल ही में ऐसा अनुभव किया, जिसे जिंदगीभर नहीं भुलाया जा सकेगा। स्पेस लैब की रोमांचक शैक्षणिक यात्रा ने इन बच्चों के अंदर छिपे वैज्ञानिक सपनों को नई दिशा दी और उनके उत्साह को सितारों से भी ऊंचा कर दिया।
इस खास भ्रमण में छात्रों ने अंतरिक्ष विज्ञान को नज़दीक से समझा—रॉकेट निर्माण की प्रक्रिया से लेकर सैटेलाइट के संचालन तक, हर चरण ने उन्हें ब्रह्मांड की अनंत संभावनाओं से रूबरू कराया। व्यावहारिक गतिविधियों और लाइव प्रयोगों ने उनके आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ाया, मानो हर बच्चे के भीतर एक नया वैज्ञानिक जन्म ले रहा हो।
छात्रों के साथ उनकी प्रेरणादायी अध्यापक टीम—ज्योति कला राजवाड़े, मीना दुबे, रचना मैम, प्रकाश गुप्ता और शुभम सर—भी मौजूद थे, जिन्होंने बच्चों को हर कदम पर प्रोत्साहित किया। उन्होंने छात्रों को याद दिलाया कि "आसमान कोई सीमा नहीं, बल्कि शुरुआत है।"
स्कूल के दूरदर्शी निदेशक श्री नीरज शिवहरे ने इस मौके पर कहा,
“बच्चो, ऐसे शैक्षणिक अनुभव तुम्हें विज्ञान की उस दुनिया में ले जाते हैं जहाँ जिज्ञासा ही असली ताकत है। आज का यह कदम तुम्हें कल अंतरिक्ष की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा—बस सपनों को जीना मत छोड़ना।”
इस प्रेरणादायक यात्रा ने यह साबित कर दिया कि बड़े सपनों की शुरुआत छोटे अनुभवों से होती है। ज्ञान कुंज के ये उज्ज्वल सितारे अब और भी दमकते हुए भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं।
अगर आपके मन में भी विज्ञान के प्रति वही जोश है, तो ऐसे अवसरों को थाम लो—क्योंकि कल उन्हीं का होता है, जो आज सीखने का हौसला रखते हैं!
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