चरचा नगरपालिका -सड़क कच्ची, खेल पक्का भ्रष्टाचार की ढलाई किस मिक्सर से हो रही है, और किसके आशीर्वाद की गर्मी में यह कच्चा माल पक्के घोटाले में बदल रहा है?
Artical by Shajad Ansari
शिवपुर- चरचा
वार्ड क्रमांक 13 में भूपेंद्र सारथी के घर के सामने बनाई जा रही सीसी सड़क का निर्माण अब जनता के गले की हड्डी बन गया है। सड़क अभी बन ही रही है, लेकिन उस पर उठ रहे सवालों की गूंज पूरे नगर में सुनाई देने लगी है लोगों का आरोप है कि जहां 8 इंच की ढलाई अनिवार्य है, वहां किसी जगह 2 इंच, तो किसी जगह 1 इंच की परत डालकर सड़क को बस “नाम मात्र” का पक्का दिखाने की कोशिश हो रही है। सीमेंट की मात्रा भी कम, काम में तेजी भी ज़्यादा — मानो किसी को जल्दी हो कि बस किसी तरह सड़क खड़ी कर दी जाए और कहानी खत्म!
सबसे बड़ा सवाल जो लोगों को बेचैन कर रहा है —
क्या निर्माण के दौरान गुणवत्ता प्रशिक्षण नहीं होना चाहिए?
जब सड़क बन रही है तभी जांच क्यों नहीं हो रही?
या फिर यह पूरा खेल इसलिए खेला जा रहा है कि काम पूरा होने के बाद एक दिन में ‘आंख मूंदकर’ गुणवत्ता परीक्षण पास कर दिया जाए?
लोग यह भी कह रहे हैं कि—
क्या बनने के बाद दिन ढलते ही फटाफट ‘गुणवत्ता पास’ की मोहर लगाकर ठेकेदार को पूरी राशि थमा दी जाएगी?
अगर ऐसा हुआ, तो फिर यह सवाल तो उठेगा ही कि—क्या यह पूरा खेल भ्रष्टाचार का नया अध्याय है?
क्या यह खेल गुरुजी भगत की छाया में चल रहा है या फिर यह किसी और की मौन स्वीकृति है? जनता का कहना है कि सड़क का हाल देखकर लगता है जैसे—काम की ढलाई कम, भ्रष्टाचार की ढलाई ज्यादा हो रही है।
सड़क कच्ची है, लेकिन भ्रष्टाचार पक्का!
लोग प्रशासन से जानना चाहते हैं:
क्या नगर पालिका अधिकारी निर्माण स्थल पर आते भी हैं या केवल फाइलों में जांच करते हैं?
क्या सड़क की गुणवत्ता देखने का काम भी ठेकेदारों पर छोड़ दिया गया है?
क्या जनहित के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति हो रही है?
मोहल्लेवासियों का आरोप है कि अगर अधिकारियों ने आंखें खोल लीं तो यह सड़क बचेगी, नहीं तो सिर्फ जेबें भरेंगी!
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