शाम ढलते ही ‘अंधेरा खेल’ शुरू — नगर पालिका बैकुंठपुर की गाड़ी पर टेप क्यों चढ़ाया गया? किसका माल, किसके लिए गाड़ी?
Article by Shajad Ansari
शहर में दौड़ी ‘गुप्त’ सरकारी गाड़ी, जनता में हलचल
बैकुंठपुर की सड़कों पर एक अजीब नज़ारा देखने को मिला। एक भारी भरकम लाल रंग की सरकारी वाहन — जिस पर सामान्यतः "नगर पालिका बैकुंठपुर" अंकित होता है — उस पर टेप चिपकाकर पूरी पहचान छुपाई गई थी। वाहन शाम के समय चलती पाई गई, लेकिन—
न कोई कार्य आदेश
न कोई जिम्मेदार अधिकारी
न कोई बोर्ड
न माल की जानकारी
और न ही कोई पारदर्शिता
गाड़ी कहाँ जा रही थी? किस उद्देश्य से? और क्यों इसकी पहचान छुपाई गई — यह सब सवाल आज जनता के मन में आग की तरह उठ खड़े हुए हैं।
जनता के सवाल — जवाब कौन देगा?
> क्यों सरकारी गाड़ी की पहचान छिपाई गई?
क्या रात के अंधेरे में कोई ‘गुप्त डील’ हो रही थी?
क्या यह वाहन किसी निजी ठेकेदार के लिए इस्तेमाल हो रही थी?
सरकारी डीजल से भरी गाड़ी का उपयोग क्या सिर्फ जनहित में हो रहा है या निजी फायदे में
बड़े सवाल, बड़ी माँगें:
1. किस अधिकारी के आदेश पर यह गाड़ी शाम के समय रवाना हुई?
2. किस कार्य के लिए इसका उपयोग किया गया? कोई दस्तावेज है क्या?
3. क्या नगर पालिका की सरकारी संपत्ति निजी लाभ के लिए इस्तेमाल हो रही है?
4. गाड़ी की पहचान छुपाना क्या दर्शाता है — लापरवाही या साजिश?
5. कहीं यह ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच कोई गुप्त समझौता तो नहीं?
जनता की मांगें — अब नहीं रुकेगा यह सवालों का तूफान:
CMO और जिला कलेक्टर स्तर पर उच्चस्तरीय जांच बैठाई जाए
नगर पालिका के सभी वाहनों की कार्य सूची और डीजल खर्च सार्वजनिक किया जाए
जिन वाहनों का उपयोग निजी काम में हो रहा हो, उनकी जानकारी तत्काल दी जाए
यदि अनियमितता सिद्ध होती है, तो दोषी अधिकारियों को निलंबित किया जाए और एफआईआर दर्ज हो
नगर पालिका में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए — ताकि सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग रोका जा सके
What's Your Reaction?